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नई दिल्ली30 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को 14 अगस्त को दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसला रिजर्व रख लिया था। (फाइल फोटो)

  • प्रशांत भूषण माफी नहीं मांगते हैं, तो कोर्ट 25 अगस्त को सजा सुना सकता है
  • अदालतों और जजों के खिलाफ ट्वीट के मामले में कोर्ट ने प्रशांत भूषण को दोषी ठहराया था

अदालतों और जजों की अवमानना के मामले में दोषी वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग सकते हैं। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो समय दिया था, उसकी डेडलाइन आज खत्म हो रही है। कोर्ट ने 14 अगस्त को प्रशांत भूषण को दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

प्रशांत भूषण आज माफी नहीं मांगते हैं तो, कोर्ट 25 अगस्त को सजा सुना सकता है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने भूषण की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें भूषण ने सजा पर बहस टालने और रिव्यू पिटीशन लगाने का मौका देने की अर्जी लगाई थी। भूषण ने सजा पर सुनवाई दूसरी बेंच में करवाने की अपील भी की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने कहा था कि सजा सुना भी देंगे, तो रिव्यू पर फैसले तक लागू नहीं होगी। दूसरी ओर भूषण के वकील ने कहा कि अगर सजा को टाल देंगे तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा।

क्या है मामला?
अदालत और सुप्रीम कोर्ट के जजों को लेकर विवादित ट्वीट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी करार दिया था। जस्टिस अरुण मिश्रा, बीआर गवई और कृष्ण मुरारी की बेंच ने कहा था कि 20 अगस्त को सजा पर बहस होगी।

प्रशांत भूषण के इन 2 ट्वीट को कोर्ट ने अवमानना माना
पहला ट्वीट: 27 जून- जब इतिहासकार भारत के बीते 6 सालों को देखते हैं तो पाते हैं कि कैसे बिना इमरजेंसी के देश में लोकतंत्र खत्म किया गया। इसमें वे (इतिहासकार) सुप्रीम कोर्ट, खासकर 4 पूर्व सीजेआई की भूमिका पर सवाल उठाएंगे।
दूसरा ट्वीट: 29 जून- इसमें वरिष्ठ वकील ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे की हार्ले डेविडसन बाइक के साथ फोटो शेयर की। सीजेआई बोबडे की बुराई करते हुए लिखा कि उन्होंने कोरोना दौर में अदालतों को बंद रखने का आदेश दिया था।

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