ये शो पूरी तरह से फिटनेस स्पेस में है

ये शो पूरी तरह से फिटनेस स्पेस में है

पहली बार इस तरह का टॅाक शो सामने आ रहा है। हर होस्ट अपने शो को अलग तरीके से प्रस्तुत करता है। करण जौहर का अपना तरीका है। मनीष पॅाल का अंदाज सबसे भिन्न है। हर होस्ट की अपनी खासियत होती है। ठीक इसी तरह मेरी कोशिश है कि अपने मेहमान से शो में फिटनेस और बाकी बातचीत से कुछ दिलचस्प सामने आए। मेरा चैट शो पूरी तरह से फिटनेस स्पेस में है। ये बाकी के चैट शो बेहद अलग है। जहां पर जिम में स्टार्स के असली जिंदगी में कदम रखकर चर्चा की जाएगी।

कभी दो लड़कियों को एक साथ ऐसे नहीं देखा होगा

कभी दो लड़कियों को एक साथ ऐसे नहीं देखा होगा

आपने कभी नहीं देखा होगा कि दो लड़कियां कैमरे के सामने जिम में रहकर वर्कआउट भी कर रही हैं और फिटनेस के साथ डाइट पर बात कर रही हैं। Voot ये लेकर आया है। कई स्टार्स मेरे मेहमान बनेंगे। जो कि मेरे अच्छे दोस्त भी हैं। जो मेरे साथ सहज महसूस करती हैं। इससे दर्शकों को भी शो देखने में दिलचस्पी बढ़ेगी। फिटनेस पर खुल कर बात होगी।

सेलिब्रिटी हैं तो फिटनेस पर ध्यान देती हैं ऐसा नहीं है

सेलिब्रिटी हैं तो फिटनेस पर ध्यान देती हैं ऐसा नहीं है

बॅालीवुड को देखने का लोगों का नजरिया बदला है। सच्चाई यही है कि बॅालीवुड और क्रिकेट को देखकर लोग प्रेरित होते हैं। फिर चाहे वह फैशन हो या फिर कोई किरदार, कहानी। अब लोग फिटनेस से भी प्ररेणा ले रहे हैं। लेकिन आप ये ना सोचें कि सेलिब्रिटी हैं तो इस वजह से आपको फिट होना है। हर एक को फिट होना चाहिए। ये बहुत जरूरी है।

टाइगर श्रॅाफ और ऋतिक रोशन का फिटनेस

टाइगर श्रॅाफ और ऋतिक रोशन का फिटनेस

मेरे जिम में हिंदी सिनेमा के सभी फिटनेस आइकन आते हैं। फिर चाहे वह दीपिका पादुकोण हो या फिर कैटरीना कैफ हो। कैटरीना प्रेरणादायक हैं। वह शुरू से फिटनेस में नहीं थीं। वो बाद में आयीं। पहली फिल्म में वह पतली और फिट नहीं थीं। उन्होंने खुद पर काम किया है। मैं इंटरनेशनल तौर पर जेनिफर लोफर के जिम में जाना चाहूंगी। मेल सुपरस्टार्स में रणवीर सिंह, ऋतिक रोशन परफेक्ट फिटनेस स्टार्स हैं। टाइगर श्रॅाफ का अनुशासन फिटनेस को लेकर काबिलेतारीफ है। अनिल कपूर को देख लीजिए। वो एवरग्रीन हैं।

भारत ने मेरी जिंदगी बदल दी

भारत ने मेरी जिंदगी बदल दी

बॅालीवुड ने मुझे काफी कुछ दिया है। मेरे जीवन की सबसे बड़ी सीख लंदन से भारत आने के दौरान मिली। मैं भारत आने से पहले सोच रही थी, यहां पर हमारा कोई नहीं था। लेकिन मेरे अंकल ने मुझसे कहा कि तुम खतरा नहीं उठाओगे तो काफी कुछ खो सकती हो। उसी वक्त मैंने फैसला लिया। मां के साथ यहां पर आ गई। ये सबक मुझे आज तक आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। यहां पर मेरी जिंदगी बदल गई। मैं वीजे बनी,गायक के नाम से भी लोकप्रियता हासिल की। निर्देशक डेविड धवन ने ‘एक परदेसी’ सागं सुनने के बाद मुझे बॅालीवुड में लांच किया। भारत ने मेरी जिंदगी बदल दी।

आयुष्मान खुराना सब कर रहे हैं और मुझसे पूछा जाता था क्यों

आयुष्मान खुराना सब कर रहे हैं और मुझसे पूछा जाता था क्यों

मैं जब शुरू में आयी, तो बॅालीवुड में काम करने का तरीका नहीं पता था। मुझे बहुत से बड़े फिल्म मेकर्स ने काम करने का प्रस्ताव दिया। काम नहीं पसंद आने पर मैं सीधे तौर पर इंकार कर देती। मैं बिल्कुल टिपिकल इंग्लिश गर्ल की तरह थी। मैं नहीं जानती थी कि यहां पर काम के लिए ड्रामा करना पड़ता है। अभी भी मुझे ड्रामा करने नहीं आता।मैं गायक भी हूं और एक्ट्रेस भी। लोगों को ये हजम नहीं होता था।मुझे कहा जाता किसी एक को चुनना पड़ेगा। आज आयुष्मान खुराना जैसे कई मल्टी टैलेंटेड कलाकार हैं। वे सभी सब कर रहे हैं। मुझे पूछा जाता क्यों? खैर, मैंने हमेशा अपनी सहूलियत से काम किया है।

महिला प्रधान फिल्में हैं लेकिन फिर भी दुख है

महिला प्रधान फिल्में हैं लेकिन फिर भी दुख है

हालांकि एक्ट्रेसेस के लिए माहौल बदला है। कई कहानियां ऐसी हैं जहां पर महिलाओं की दमदार भूमिका है। पहले लोग छोटा सा रोल करते तो कहा जाता तुम कभी हिरोइन नहीं बन सकती। आज छोटा सा किरदार स्टारडम दिला देता है। फिलहाल पैसे के मामले में अभी भी पुरुष और महिला कलाकारों के बीच जगह भरना बाकी है। प्लेबैक सिंगिंग में भी हालात अच्छे नहीं हैं। महिला प्रधान फिल्में बन रही हैं। लेकिन महिलाओं के लिए गाने नहीं बन रहे हैं। इसका दुख है मुझे।


Source link