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वॉशिंगटनएक घंटा पहले

येल मेडिकल स्कूल के ग्रेजुएट विवेक मूर्ति को 2014 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सर्जन जनरल नियुक्त किया था। वे पब्लिक हेल्थ सर्विस कमीशन कोर में वाइस एडमिरल भी रह चुके हैं।

चुनाव कैम्पेन में कोरोना से बचाव पर काफी जोर देने वाले अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने इससे निपटने के लिए काम शुरू कर दिया है। उन्होंने सोमवार को इसके लिए बनाई गई टीम का ऐलान किया। इसमें भारतवंशी विवेक मूर्ति को भी शामिल किया गया है। विवेक मूर्ति अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल हैं।

येल मेडिकल स्कूल के ग्रेजुएट मूर्ति को 2014 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सर्जन जनरल नियुक्त किया था। वे पब्लिक हेल्थ सर्विस कमीशन कोर में वाइस एडमिरल भी रह चुके हैं। उनकी पारिवारिक जड़ें कर्नाटक से जुड़ी हैं। टीम में मूर्ति के साथ फेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व कमिश्नर डेविड केसलर और येल पब्लिक हेल्थ प्रोफेसर मार्केला नुनेज स्मिथ भी शामिल हैं।

जो बाइडेन ने की बैठक

टास्क फोर्स बनाने के बाद जो बाइडेन ने तीनों को-चेयर के साथ बैठक की। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि मैंने सुबह कोविड-19 काउंसिल के साथ महामारी की स्थिति पर चर्चा की। उनसे पूछा कि हम इस मसले पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं। साथ ही उन्हें बताया कि कैसे हम इस वायरस को हरा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने 20 जनवरी को कार्यभार संभालने के बाद पूरे अमेरिका में मास्क को अनिवार्य करने का प्लान बनाया है। इसके लिए वह सभी स्टेट्स के गवर्नर और मेयर से बात करेंगे।

डेमोक्रेट्स ने सत्ता हस्तांतरण की तैयारी शुरू की

इस बीच, राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डेमोक्रेट जो बाइडेन 20 जनवरी को शपथ लेंगे। डेमोक्रेट्स ने सत्ता हस्तांतरण की तैयारी भी शुरू कर दी है। बाइडेन और हैरिस ने इसके लिए वेबसाइट BuildBackBetter.com और ट्विटर अकाउंट @Transition46 भी बनाया है।

प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन रविवार को विल्मिंगटन के कब्रगाह में परिवार के लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन रविवार को विल्मिंगटन के कब्रगाह में परिवार के लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अभी भी हार मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें नतीजों पर अब भी शक है। बाइडेन को 279 और ट्रम्प को 214 इलेक्टर्स वोट मिले हैं। जीत के लिए 270 वोट जरूरी होते हैं। उधर, न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, बाइडेन पेरिस क्लाइमेट समझौते दोबारा से जॉइन करने पर भी विचार कर रहे हैं। साथ ही वे मुस्लिम देशों पर लगाए ट्रैवल बैन के ट्रम्प के ऑर्डर को उलट सकते हैं।

ट्रम्प के बर्ताव पर ज्यादातर रिपब्लिकन दिग्गज खामोश
पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश (74) ने कहा है कि चीजें तय हो चुकी हैं। अलग तरीके से अपनी बात रखते हुए बुश बोले कि मैंने प्रेसिडेंट इलेक्ट बाइडेन और कमला हैरिस को कहा था कि उन्हें मिल रही शुभकामनाओं को और विस्तार देना चाहिए। क्या ट्रम्प को दोबारा गिनती का हक है, इस पर बुश ने कहा कि अमेरिकियों को भरोसा है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए हैं। हमारी मजबूती बरकरार रहेगी। चीजें साफ हो चुकी हैं।

बुश के मुताबिक, ‘राजनीतिक मतभेद होना अलग बात है, पर मैं जानता हूं कि बाइडेन अच्छे व्यक्ति साबित होंगे और देश को एकजुट करेंगे। हमें अपने परिवार, पड़ोसियों, देश और भविष्य के लिए साथ आना होगा।’

4 बातों पर फोकस
बाइडेन की टीम ने ट्रांजिशन वेबसाइट में चार चीजों को प्रमुखता दी है- कोरोनावायरस, आर्थिक मजबूती, नस्लीय समानता और क्लाइमेट चेंज। डेमोक्रेट्स की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पहले दिन (20 जनवरी 2021) से ही इन चुनौतियों पर हमारी नजर रहेगी। बताया जा रहा है कि बाइडेन ऐसी कैबिनेट बनाना चाहते हैं, जिससे देश की विविधता दिख सके।

धर्म में आस्था
बाइडेन, जॉन एफ कैनेडी के बाद राष्ट्रपति चुने वाले दूसरे कैथोलिक हैं। रविवार सुबह बाइडेन अपने होमटाउन विल्मिंग्टन (डेलावेयर) में चर्च गए और ग्रेवयार्ड जाकर अपने बेटे बो बाइडेन, पहली पत्नी और बेटी को श्रद्धांजलि दी। 2015 में बेटे बो की मौत कैंसर से हो गई थी। 1972 में पहली पत्नी और बेटी कार एक्सीडेंट मारे गए थे।

पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी के लिए यूएन को पत्र

बाइडेन की टीम ने बताया है कि वे अपने कार्यकाल के पहले ही दिन संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखेंगे। इसमें वे क्लाइमेट चेंज का मुकाबला करने के हुए पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी की घोषणा कर सकते हैं। 174 देश इस मुहिम का हिस्सा हैं। लेकिन, ट्रम्प ने इस समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने का फैसला कर लिया था। इसके अलावा वे आर्थिक रिकवरी और नस्लीय समानता से जुड़ी कुछ घोषणाएं कार्यकाल के पहले ही दिन कर सकते हैं।

पत्नी मेलानिया चाहती हैं, अब हार स्वीकार कर लें डोनाल्ड ट्रम्प

अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प चाहती हैं कि पति डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन से मिली हार को स्वीकार करें। सूत्रों के मुताबिक, मेलानिया ट्रम्प ने चुनाव पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। लेकिन निजी तौर पर उन्होंने ट्रम्प के सामने अपनी राय रखी है। डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद और उनके वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर ने पहले ही राष्ट्रपति से चुनाव को लेकर सामने दिख रही स्थिति को स्वीकार करने को कहा था।

चीन और रूस ने कहा- फाइनल नतीजे के बाद ही देंगे बधाई

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर चुके जो बाइडेन और कमला हैरिस को दुनियाभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। लेकिन चीन, रूस और मैक्सिको जैसे कुछ देशों ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। चीन ने सोमवार को बाइडेन को बधाई देने से इनकार करते हुए कहा है कि उसे अंतिम फैसले का इंतजार है।

वहीं, रूस ने ट्रम्प की ओर से धांधली का आरोप लगाए जाने और कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल का तर्क देते हुए बाइडेन को विजेता नहीं माना है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बाइडेन ने खुद को चुनाव का विजेता घोषित किया है। हमारा मानना है कि चुनाव का नतीजा अमेरिकी कानूनों और प्रक्रिया के मुताबिक तय होगा।

वहीं, रूस ने ट्रम्प के सुर में सुर मिलाते हुए चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है। रूस के चुनाव प्रमुख ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मेल इन वोटिंग ने मतदान में धांधली का रास्ता खोल दिया है।

ट्रम्प परिवार सच्चाई से दूर
ट्रम्प ने ट्वीट किया, ‘लेमस्ट्रीम (मुख्य मीडिया से इतर) मीडिया में ही चर्चा है कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा?’

उधर, ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ने ट्वीट किया, ‘अमेरिकी निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। चुनाव वैध हो, अवैध नहीं। हर वोट की गिनती होनी चाहिए।’




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