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रायपुर24 मिनट पहलेलेखक: मिथिलेश मिश्र

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पिछले एक महीने में प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। - Dainik Bhaskar

पिछले एक महीने में प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजे गए 5 नमूनों में मिला वायरस का नया वैरिएंट
  • संक्रमण की बढ़ती संख्या की वजह से और नए वैरिएंट मिलने की आशंका
  • फिलहाल नया वैरिएंट बहुत घातक नहीं, लेकिन इसकी स्टडी की कोई व्यवस्था भी नहीं

छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक और चिंताजनक खबर आई है। प्रदेश में कोरोना वायरस ने म्यूटेट होकर रूप बदल लिया है। अब तक 5 नमूनों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, इसके असर के बारे में डॉक्टरों को कोई जानकारी नहीं है। अंदेशा जताया जा रहा है कि नया वैरिएंट शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करने में सक्षम है। इसे N-440 नाम दिया गया है।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि भारत सरकार ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के 5 नमूनों में N-440 नाम के नए वैरिएंट की मौजूदगी की रिपोर्ट दी थी, लेकिन यह उतना घातक नहीं है। प्रदेश में अब तक ब्रिटिश वैरिएंट, साउथ अफ्रीकन वैरिएंट और ब्राजीलियन वैरिएंट का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

केस बढ़ने की वजह हो सकता है नया वैरिएंट
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर का कहना है कि प्रदेश में इतना ज्यादा संक्रमण है कि नया वैरिएंट तो सामने आएगा ही। एक साल में संक्रमण का इतना बढ़ जाना कभी नहीं देखा गया था। संक्रमण बढ़ता रहा तो वायरस में म्यूटेशन होगा और नए वैरिएंट भी सामने आ सकते हैं। डॉ. नागरकर ने बताया कि अभी इसके असर की ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

उधर, रायपुर मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों ने बताया कि नए वैरिएंट N-440 पर अभी कोई स्टडी तो सामने नहीं आई है, लेकिन अंदेशा है कि नया वैरिएंट शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। इसकी वजह से बेहतर इम्यूनिटी वाले लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। प्रदेश में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के पीछे ये नया वैरिएंट भी एक कारण हो सकता है।

प्रदेश में नए वैरिएंट पर रिसर्च की व्यवस्था नहीं
बताया जा रहा है कि प्रदेश में अभी वायरस के नए वैरिएंट पर रिसर्च की कोई व्यवस्था नहीं है। रायपुर AIIMS हर सप्ताह कुछ नमूनों को नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजता है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल इनकी जांच के बाद रिपोर्ट जारी करता है। इससे नए वैरिएंट या वायरस के म्यूटेट होने की जानकारी सामने आती है। पिछले सप्ताह यह पहली बार हुआ, जब वायरस में दोहरे म्यूटेशन का पता चला था।

अब तक 3.49 लाख संक्रमित, 4170 की मौत
छत्तीसगढ़ में कोरोना का पहला मरीज 18 मार्च 2020 को सामने आया था। यह एक लड़की थी, जो लंदन से रायपुर लौटी थी। तब से यह वायरस 3,49,187 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें से 3.19 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। 4,170 लोगों को इस बीमारी की वजह से जान गंवानी पड़ी है। बुधवार को प्रदेश में एक दिन में 4,563 नए केस मिले, वहीं 28 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

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