• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Narendra Modi Sasaram Rally Live Update; Bihar Election 2020 | Here’s Bihar (Vidhan Sabha) Assembly Election 2020 Latest News

सासाराम22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मोदी ने सासाराम में हुई रैली में कहा कि यदि बिहार में कोरोना की रोकथाम पर काम नहीं होता तो न जाने कितने लोगों की जान जाती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में आज से चुनाव प्रचार शुरू किया। पहली रैली सासाराम में की। यहां उन्होंने राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह और लोजपा नेता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी, लेकिन रामविलास के बेटे चिराग पासवान का नाम लेने से बचे। वही चिराग, जिन्होंने खुद को मोदी का हनुमान बताया था। मोदी के इस रुख की दो वजहें हो सकती हैं…

1. मोदी ने रामविलास पासवान का नाम इसलिए लिया क्योंकि एक बड़ा वोट बैंक पासवान और उनकी पार्टी से जुड़ा रहा है। मोदी उनके समर्थकों को नाराज नहीं करना चाहते।
2. प्रधानमंत्री ने चिराग का नाम नहीं लिया। इसका कारण यह हो सकता है कि चुनाव नतीजे किसी भी तरफ जा सकते हैं, इसलिए वे चिराग के खिलाफ कुछ बोलकर उन्हें नाराज नहीं करना चाहते। पिछले दिनों चिराग ने भी मोदी के बारे में कहा था कि मुझे उनकी तस्वीरें लगाने की जरूरत नहीं है। मैं उनका हनुमान हूं। हनुमान की तरह चीर कर देख लें मेरा सीना, मेरे दिल में प्रधानमंत्री मोदी बसते हैं।

चुनाव बिहार में, मुद्दा कश्मीर का
सासाराम में अपनी पहली जनसभा की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा- ‘बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है। मैं रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देता हूं। उसी तरह से रघुवंश प्रसाद सिंह जी भी हमारे साथ नहीं हैं।’

यहां उन्होंने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। कहा, ‘ये लोग (विपक्ष) कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। इतना सब कहकर ये बिहार के लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं। क्या के बिहार के लोगों का अपमान नहीं है। ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।’

राजद, यूपीए पर निशाना
मोदी ने लालू के कार्यकाल और केंद्र में रही यूपीए सरकार का जिक्र करते हुए कहा, ‘आपने इन्हें भरोसे के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन उन्होंने इसे कमाई का जरिया बना लिया। जब सत्ता से बेदखल किया, तो उनके अंदर जहर भर गया। 10 साल तक यूपीए की सरकार में रहते हुए बिहार पर गुस्सा निकाला। ये लोग बिहार की हर योजना को लटकाने और भटकाने वाले हैं। 15 साल तक अपने शासन के दौरान इन्होंने बिहार को लूटा-खसोटा है।’

मोदी के भाषण की प्रमुख बातें

  • ‘साथियो! बिहार के लोग कभी कन्फ्यूजन में नहीं होते। चुनाव के इतने दिन पहले ही अपना स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। जितनी रिपोर्ट आ रही हैं, सब में यही आ रहा है कि बिहार में फिर एक बार एनडीए सरकार बनने जा रही है।’
  • ‘कोरोना से बचने के लिए जिस तरह यहां सरकार ने काम किया, उसके नतीजे आज दिख रहे हैं। दुनिया के अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम नहीं हुआ होता तो महामारी हमारे कितने लोगों की जान ले लेती। कितना हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। लेकिन, बिहार सारी सावधानियों का पालन करते हुए लोकतंत्र का पर्व मना रहा है।’
  • ‘चुनाव में कुछ लोग भ्रम फैलाने के लिए एक-दो चेहरों को बड़ा दिखाने लग जाते हैं। कुछ लोगों के उभरने की बातें फैलाई जाती हैं, लेकिन इससे वोटिंग पर फर्क नहीं पड़ता। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी फटकने नहीं देंगे।’
  • ‘वो दिन घर की बिटिया घर से निकलती थी, वो जब तक लौटकर न आए, माता-पिता की सांस अटकी रहती थी। वो लोग जिन्होंने एक-एक नौकरी को लाखों-करोड़ों कमाने का जरिया माना, वे फिर ललचाई नजरों से देख रहे हैं। हमें याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे। 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद बिहार को डबल इंजन की ताकत मिली, राज्य में ज्यादा तेजी से काम हुआ है।’
  • ‘कोरोना के दौरान करोड़ों गरीब बहनों के खाते में करोड़ों की मदद भेजी, कई गैस कनेक्शन दिए गए। देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश को बिचौलियों-दलालों से मुक्त कराने का फैसला लिया, ये लोग उन्हीं के पक्ष में खड़े हैं। किसान तो बहाना है, उनके लिए तो बिचौलियों-दलालों को बचाना है।’
  • ‘राफेल के लिए भी ये लोग बिचौलिए-दलाल की भाषा बोल रहे थे। इनके लिए देशहित नहीं, दलालों का हित ज्यादा महत्वपूर्ण है। जब बिचौलियों-दलालों पर चोट होती है, तब-तब ये लोग बौखला जाते हैं। ये लोग देश को कमजोर कर रहे लोगों का साथ देने से भी चूकते।’
  • ‘तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री हुआ करता था। नीतीश कहते थे कि दिल्ली को बिहार का अखाड़ा मत बनाइए। उनके साथ मिलकर नीतीशजी ने सरकार बनाई। सब जानते हैं कि उन 18 महीनों में क्या हुआ? नीतीश इस खेल को भांप गए कि बिहार 15 साल पीछे चला जाएगा। बिहार के विकास के लिए हम फिर नीतीशजी के साथ आए। मुझे अभी नीतीशजी के साथ काम करते हुए 4-5 साल ही हुआ है।’
  • ‘आज बिहार के हर गांव तक सड़क पहुंच रही है। बिहार की नदियों पर आधुनिक पुल बन रहे हैं। सोन नदी पर कितने पुल कागजों पर बन रहे थे। अब यहां फोरलेन पुल बनाया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों-पुलों पर काम चल रहे हैं। रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण जारी है। कनेक्टिविटी सुधारने के लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।’
  • ‘आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने के लिए नीतीशजी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार जरूरी है। मुझे खुशी है कि बूथ लेवल पर सभी कार्यकर्ता मजबूती से जुटे हुए हैं। आप सभी समय निकालकर हमें आशीर्वाद देने आए, इसका धन्यवाद।’
मोदी की रैली में भी कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई।

मोदी की रैली में भी कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई।

मोदी 12 दिनों में 12 रैलियां करेंगे
पहले फेज के आखिरी दौर में प्रधानमंत्री के प्रचार से NDA को काफी उम्मीद है। मोदी 12 दिनों में 12 रैलियां करेंगे। 28 अक्टूबर को दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना में रैली करेंगे। प्रधानमंत्री का तीसरा दौरा एक नवंबर को छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में होगा तो चौथा और अंतिम दौरा तीन नवंबर को पश्चिमी चंपारण, सहरसा और अररिया के फारबिसगंज में होगा।




Source link