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  • Mamta Said Bengal Is Discussed Daily In The National Media Under The Pressure Of BJP, This Is A Planted Game Of The Ministry Of Home Affairs

कोलकाता33 मिनट पहले

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कोलकाता में हुए फर्जी वैक्सीनेशन मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर भाजपा और गृह मंत्रालय पर हमला बोला है। ममता ने गुरुवार को कहा, ‘आजकल नेशनल मीडिया में बंगाल की खूब चर्चा हो रही है। अभी फर्जी वैक्सीनेशन मामले में रोज कुछ न कुछ दिखाया जा रहा है। मैं जानती हूं इसके पीछे कौन काम कर रही है। ये भाजपा के लोग हैं, जो देश की मीडिया को रोज गलत जानकारी देते हैं और दबाव बनाकर खबरें चलवाते हैं। मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि यह पूरा खेल गृह मंत्रालय का है।’

ममता बनर्जी ने ये बाते कोलकाता में एक मीडिया ब्रीफ के दौरान कही हैं। इसके साथ उन्होंने बताया कि फेक वैक्सीनेशन मामले में राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई कर रही है। भाजपा हमारे खिलाफ आरोप लगाना और मीडिया को बरगलाने का काम बंद करे।

हजारों लोगों को लगाई गई थी नकली वैक्सीन
कोलकाता में पिछले बुधवार को फर्जी वैक्सीनेशन स्कैम का खुलासा हुआ था। मामले में मुख्य आरोपी देबांजन देव की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। ​​फर्जी वैक्सीन रैकेट की पूरी घटना तब सामने आई जब जादवपुर से TMC की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मिमी ने आरोप लगाया कि शहर के दक्षिणी इलाके कस्बा में एक व्यक्ति फर्जी वैक्सीनेशन सेंटर चला रहा है।

अभिनेत्री से नेता बनीं चक्रवर्ती ने इस शिविर को तब संदिग्ध पाया जब बुधवार शाम को इस शिविर से वैक्सीन लेने के बाद उन्हें कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली। टीएमसी सांसद के कंप्लेन के बाद पुलिस ने फौरन ही दक्षिण कोलकाता से आरोपी देबांजन देब को गिरफ्तार कर लिया।

भाजपा ने TMC की मिलीभगत का लगाया है आरोप
मामले का मुख्य आरोपी और खुद को IAS अफसर बताने वाले देबांजन देव की सत्तारूढ़ TMC के सांसद डॉ. शांतनु सेन के साथ एक तस्वीर सामने आने के बाद भाजपा ने TMC की मिलीभगत का आरोप लगाया है। डॉ. सेन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के स्टेट सेक्रेटरी भी हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष ने कहा कि ये एक बड़ा घोटाला है। मामले में TMC के बड़े नेता और मंत्री जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार किसी भी भ्रष्टाचार का खुलासा नहीं होने देती, वे घोटालेबाजों को हमेशा बचाते रहे हैं। घोष ने इस केस में नाम आने वाले लोगों से फौरन इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उन्होंने CBI से भी इसकी जांच की मांग की है।

देबांजन ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पुलिस अफसरों, बड़े सरकारी अधिकारियों और बंगाल के कई बड़े नेताओं के साथ फोटो डाल रखी है। उसने अपने ट्विटर एकाउंट पर कोलकाता में उसके द्वारा चलाए गए वैक्सीनेशन प्रोग्राम, कोरोना टेस्टिंग और सैनिटाइजेशन से जुड़ी तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। देबांजन पर आरोप है कि इसने 2 हजार लोगों को फर्जी वैक्सीन लगाई है।

बंगाल के बड़े नेताओं के साथ आरोपी देबांजन देब।

बंगाल के बड़े नेताओं के साथ आरोपी देबांजन देब।

नीली बत्ती की कार में बॉडी गार्ड लेकर घुमता था आराेपी
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, देबांजनदेव ने पूरी योजना सोच-समझकर बनाई थी। फर्जी वैक्सीनेशन चलाने वाला आरोपी देबांजन खुद को IAS अधिकारी बताता और निली बत्ती वाली गाड़ी में बॉडीगार्ड लेकर चलता था। पड़ोसियों को उसने बता रखा था कि वह कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में जॉइंट सेक्रेटरी है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘वह जिस ऑफिस को चलाते थे, वह कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के जैसा दिखता था। पुलिस को शक है कि उसके निगम के भी कुछ अधिकारियों के साथ नजदीकी संबंध रहे होंगे। पुलिस उसकी प्रॉपर्टी की भी जांच कर रही है।

देबांजन अपने साथ गनर भी रखता था। उसके जलवे किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं थे।

देबांजन अपने साथ गनर भी रखता था। उसके जलवे किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं थे।

पुलिस के खुफिया विभाग ने देबांजन देव से पूछताछ के दौरान कुछ दिलचस्प जानकारियां हासिल की हैं। पुलिस ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लेटरहेड, लोगो, रबर स्टैंप और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, देव ने अपने कारनामों के लिए कई लोगों को भर्ती कर वेतन भी दिया है। एक आरोपी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि नौकरी के लिए उससे 3 लाख रुपए भी लिए गए थे।

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