श्रीनगर20 मिनट पहलेलेखक: मुदस्सिर कुलू

  • कॉपी लिंक

भारतीय सेना ने असम राइफल्स की महिला सैनिकों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इन्हें पुरुष जवानों के सहयोग के लिए कश्मीर में तैनात किया गया है। इनकी तैनाती मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में हुई है, जहां वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जवानों का साथ दे रही हैं।

महिलाओं और बच्चों की तलाशी के लिए ये सुरक्षाकर्मी मोटर-व्हीकल चेकप्वॉइंट्स पर तैनात हैं। साथ ही वो कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के दौरान घर-घर की तलाशी में भी मदद करती हैं।

महिलाओं और बच्चों की तलाशी के लिए ये सुरक्षाकर्मी मोटर-व्हीकल चेकप्वॉइंट्स पर तैनात हैं।

महिलाओं और बच्चों की तलाशी के लिए ये सुरक्षाकर्मी मोटर-व्हीकल चेकप्वॉइंट्स पर तैनात हैं।

कैसा रहा महिला सुरक्षाकर्मियों का अनुभव?
महिला सुरक्षाकर्मी ज्योत्सना कहती हैं कि अभियान के दौरान हम ध्यान रखते हैं कि इससे महिलाओं को समस्या का सामना न करना पड़े। तलाशी के बाद हम उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते भी हैं। हमें उम्मीद है कि कश्मीरी लड़कियां भी प्रेरित होंगी और देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होंगी।

महिला सुरक्षाकर्मी रुमान रूपाली ने कहा कि हम पुरुषों की तरह ड्यूटी करती हैं। हम घेराबंदी और तलाशी अभियान में जाते हैं। हम डरने वाले नहीं हैं और चुनौती भरे काम से खुश हैं। हम स्थानीय महिलाओं की सेवा के लिए यहां हैं।

महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में हुई है, जहां वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जवानों का साथ दे रही हैं।

महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में हुई है, जहां वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जवानों का साथ दे रही हैं।

नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में की मदद
इन महिला जवानों को पहले कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तैनात किया गया था। इन्हें नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। दरअसल, नियंत्रण रेखा के पास जाने वाली महिला संदिग्धों की तलाशी लेने में पुरुष जवानों को दिक्कत हो रही थी।

एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि महिला जवानों के आने से तस्करी को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कुपवाड़ा में पुरुष सैनिकों के लिए महिलाओं की तलाशी लेना संभव नहीं था। यह काम महिला सैनिकों ने अच्छे से किया। इनकी तैनाती से कश्मीर में महिलाओं की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

इन महिला जवानों को पहले कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तैनात किया गया था। इन्हें नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इन महिला जवानों को पहले कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तैनात किया गया था। इन्हें नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी।

2000 कश्मीरी लड़कियों ने पुलिस भर्ती रैली में भाग लिया
हाल ही में करीब 2000 कश्मीरी लड़कियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए भर्ती रैली में भाग लिया था। यह भर्ती 650 पदों पर थी। यहां दो महिला बटालियन बनाई जा रही हैं। इसके लिए कश्मीर और जम्मू से 650-650 महिलाओं की भर्ती की जा रही है।

पुलिस में शामिल होना मेरा जुनून है
रैली में आई महिलाएं देश सेवा के लिए उत्साहित थीं। 26 साल की सना जान उत्तरी कश्मीर से हैं। वो कहती हैं कि पुलिस में शामिल होना मेरा जुनून है। मैं देश की सेवा करना चाहती हूं और समाज से अपराध मिटाना चाहती हूं।

कुपवाड़ा में पुरुष सैनिकों के लिए महिलाओं की तलाशी लेना संभव नहीं था। यह काम महिलाओं ने अच्छे से किया।

कुपवाड़ा में पुरुष सैनिकों के लिए महिलाओं की तलाशी लेना संभव नहीं था। यह काम महिलाओं ने अच्छे से किया।

ADGP दानेश राणा भर्ती प्रक्रिया की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस में पहली बार बटालियन लेवल पर भर्ती की गई। लड़कियां पुलिस विभाग का हिस्सा बनना चाहती हैं। वो देश सेवा के लिए उत्साहित हैं।

खबरें और भी हैं…

Source link