Success Story Of IAS Topper Namita Sharma: यूपीएससी का सफर कुछ लोगों के लिए काफी लंबा साबित होता है. सालों तक संघर्ष करने के बाद उन्हें सफलता मिलती है. इस दौरान उनके धैर्य की भी परीक्षा होती है. आज आपको यूपीएससी में 5 बार असफल होने के बाद आईएएस अफसर बनने वाली नमिता शर्मा की कहानी बताएंगे. उनका धैर्य ही यूपीएससी के सफर के दौरान मजबूती बना. उनकी कहानी सुनकर आपको भी प्रेरणा मिलेगी. 

नौकरी के बाद आया यूपीएससी का खयाल 
नमिता ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद एक अच्छी कंपनी में नौकरी ज्वाइन कर ली. करीब 2 साल तक उन्होंने नौकरी की, जिसके बाद यूपीएससी के लिए उसे छोड़ने का फैसला किया. हालांकि शुरुआती प्रयासों में उनकी किस्मत अच्छी नहीं रही और उन्हें असफलता मिली. 

प्री-परीक्षा में चार बार अटकीं 
आपको जानकर हैरानी होगी कि नमिता शर्मा को यूपीएससी में चार बार प्री-परीक्षा में असफलता मिली. इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करती रहीं. पांचवें प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचीं लेकिन किस्मत अच्छी नहीं रही और फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आया. नमिता शर्मा ने इसके बाद भी प्रयास करना जारी रखा और साल 2018 में ऑल इंडिया रैंक 145 हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया. 

यहां देखें नमिता शर्मा का दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू 

अन्य कैंडिडेट्स को नमिता की सलाह 
नमिता का मानना है कि यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको अपनी क्षमताओं के अनुसार खुद की रणनीति बनानी होगी. किसी दूसरे व्यक्ति की रणनीति कॉपी करके आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है. वे मानती हैं कि अगर आप बेहतर शेड्यूल और धैर्य के साथ लगातार मेहनत करते रहेंगे, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी. 

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