फाइनली इस बार आपको दूसरे सीजन में रोमांस करने का मौका मिल गया है?

फाइनली इस बार आपको दूसरे सीजन में रोमांस करने का मौका मिल गया है?

ऐसा नहीं है कि इसी बार, पिछले सीज़न में भी कुछ कुछ बहुत ही प्यारे सीन थे। आगे कहती हैं (हंसते हुए) लेकिन इस बार तो ज्यादा ही हो गया।

आपको वेब सीरीज क्वीन कहा जाता है, आप कई हिट वेब सीरीज में काम करने का अनुभव रखती हैं, लेकिन 'फॉर मोर शॉट्स' आपके लिए किस मायने में अलग है?

आपको वेब सीरीज क्वीन कहा जाता है, आप कई हिट वेब सीरीज में काम करने का अनुभव रखती हैं, लेकिन ‘फॉर मोर शॉट्स’ आपके लिए किस मायने में अलग है?

मेरे लिए एक चीज़ बहुत खास थी, मैं इससे पहले कभी ग्लैमरस अवतार में नजर नहीं आई, जबकि मैं असल जिंदगी में काफी फैशन की शौकीन हूं। इस वेब सीरीज में आखिरकार मुझे ये करने को मिला। उसके बाद ये शो चार लड़कियों की फ्रैंडशिप और उनकी जिंदगी को सेलिब्रेट करता है।

मेरा फेमिनिज्म को लेकर स्टेंड भी यही है कि आप लड़कियों को बुरा नहीं तो भगवान भी मत बनाओ। लड़कों की तरह लड़कियों को भी गलतियां करने का हक है। इस शो से पहले हमने लड़कियों को एन्जॉय करते हुए नहीं देखा है। मानती हूं ये थोड़ा इज़ाज़रेट वर्जन है। लड़कियों का रिलेशन हर किसी के साथ अलग होता है।

हर लड़की एक जैसी नहीं होती, हर किसी का अलग अलग व्यवहार होता है। जेंडर स्टीरियो टाइप की सोच को ये शो तोड़ता है। हमारा पूरा क्रू फीमेल था, मेरे लिए ये एकदम नया था कि जब पूरी लड़कियों की टीम के साथ काम करने को मिला हो।

आपका रोल हमारे समाज का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, बेटी की शादी को कैसे बोझ समझ लिया जाता है, आप इस रोल से कैसे खुद को जोड़ती हैं?

आपका रोल हमारे समाज का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, बेटी की शादी को कैसे बोझ समझ लिया जाता है, आप इस रोल से कैसे खुद को जोड़ती हैं?

मुझे लगता है कि शादी करना बहुत पर्सनल होता है, जो दो लोग शादी कर रहे हैं। उन्हें ही जिंदगी बितानी है इसीलिए ये निर्णय उन्हीं का होना चाहिए। इसके बाद दोनों की फैमिली इसके लिए जवाबदेही होती है। एक कपल के बाद फैमिली का रोल भी इस चीज में एक हद तक होता है। ये एक इंसान का खुद का डिसिज़िन होता है वह किससे और क्यों शादी करना चाहता है।

सिद्धि पटेल जो मेरा किरदार है, वह काफी रिच फैमिली से है, इस किरदार के बाद मुझे खुद को महसूस हुआ कि शादी और ये विचार अप्पर क्लास में भी होता है। सिद्धि पटेल बचपन से यही देखती आ रही है और अब उसे भी लगता है कि उसका केवल यही मकसद है सिर्फ शादी करना।

मोटापे, कद काठी को लेकर भी सिद्धि पटेल को काफी कुछ फेस करना पड़ा, इसे कैसे देखती हैं?

मोटापे, कद काठी को लेकर भी सिद्धि पटेल को काफी कुछ फेस करना पड़ा, इसे कैसे देखती हैं?

अरेंज मैरिज में हम फोटो से ही तय कर लेते हैं कि लड़की मोटी है या काली है, मुझे ये सिस्टम ही बुरा लगता है। मैं अरैंज मैरेज के खिलाफ नहीं हूं लेकिन ये फोटो देखकर जज करने का तरीका नहीं पसंद। हम सोशल मीडिया के टाइम में रह रहे हैं और लोग कमेंट करने से पहले सोचते भी नहीं है। हम सभी को जानना चाहिए कि हम सब में कोई न कोई जरूर एक फिजिकल कमी है। अगर कमियां ही देखने लगे तो यही निकालते रह जाएंगे। हमें व्यवहार के बारे में सोचना चाहिए।

फॉर मोर शॉर्ट्स प्लीज एंटरटेनमेंट के साथ महिलाओं के मुद्दे भी उठाती है, आप इसे हमारे समाज के संदर्भ में कैसे देखते हैं?

फॉर मोर शॉर्ट्स प्लीज एंटरटेनमेंट के साथ महिलाओं के मुद्दे भी उठाती है, आप इसे हमारे समाज के संदर्भ में कैसे देखते हैं?

हमें कई बार लगता है कि कुछ चीजें केवल गांव में होती हैं कुछ चीजें सिर्फ शहर में होती हैं। लेकिन हमने इस वेब सीरीज में यही दिखाने की कोशिश की है छोटे शहर और बड़े घराने की लड़की को भी सेम चीजें फेस करने को मिलती हैं। लड़कियों को कुछ चीजें इसीलिए फेस करना पड़ता है क्योंकि वह महिलाएं हैं। बच्चे करो तो जजमेंट है, शादी करो तो जजमेट है, नौकरी करो तो जजमेंट है, ऐसी पचास चीजों को इग्नोर किया जा सकता था लेकिन ये सब आज भी हैं क्योंकि हमारा समाज ऐसे ही विकसित हुआ है। ये दिखाना चाहते हैं कि हम इंसान ही है, हमसे भी गलती होती है।

ये वेब सीरीज लड़कियों की वर्जनिटी को लेकर समाज की धारणाओं पर सवाल खड़े करती है?

ये वेब सीरीज लड़कियों की वर्जनिटी को लेकर समाज की धारणाओं पर सवाल खड़े करती है?

लड़कियों ने सेक्स किया है तो फ्लट, नहीं किया तो वर्जन है। हमने अभी तक स्क्रीन पर यही दो रूप देखे हैं। जहां एकदम सीधी सादी महिला पारंपरिक चीजों में घुसी हुई है या दूसरा, महिलाएं मसाले के तौर पर इस्तेमाल हुईं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ यही दो टाइप है।

लड़का और लड़की दोनों की मंजूरी से बनाए गए रिश्ते में किसी को आपत्ति दर्ज करने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। ऐसे में अगर सवाल उठते हैं तो महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी कटघरे में खड़ा करना चाहिए।

महिलाओं की सेक्स लाइफ को अक्सर मसाले के तौर पर ही यूज किया जाता है। इस सीरीज में आप काफी बोल्ड किरदार में नजर आएंगी आप इसे कैसे दिखती हैं?

महिलाओं की सेक्स लाइफ को अक्सर मसाले के तौर पर ही यूज किया जाता है। इस सीरीज में आप काफी बोल्ड किरदार में नजर आएंगी आप इसे कैसे दिखती हैं?

बात करें इस वेब सीरीज चारों लड़कियां काफी सुलझी हुई हैं। ये लड़कियां अमीर खानदार से हैं। इस वेब सीरीज में पहली बार मैंने खुद ये महसूस किया कि कैसे मैरिज आदि ये विषय हर क्लास में मायने रखते हैं। सिद्धि पटेल को भी यही लगता है कि उसका एकमात्र यही मकसद है कि शादी करना है। जैसा मैंने ऊपर बताया कि सैक्चुअल विषय की बात आती है तो महिलाओं को अब तक हमनें फिल्मों में या तो वर्जन या तो वाइल्ड रूप में ही देखा। हमने यही कोशिश की है कि सच्चाई, महिलाओं की नॉर्मल लाइफ और पसंद नापसंद को दिखा सकें।

इस वेब सीरीज में कीर्ति कुल्हारी, बानी जे और सयानी गुप्ता भी लीड रोल में हैं, आपकी उनके साथ कैसा बॉन्ड है?

इस वेब सीरीज में कीर्ति कुल्हारी, बानी जे और सयानी गुप्ता भी लीड रोल में हैं, आपकी उनके साथ कैसा बॉन्ड है?

इस वेब सीरीज का जब पहला सीजन शूट किया तो मैं केवल सयानी गुप्ता को पहले से जानती थीं। फॉर मोर शॉट्स प्लीज के दौरान में पहली बार बानी जे और कीर्ति कुल्हारी से मैं मिली थीं। हमें ये पता था कि ये शो की सफलता के लिए हम चारों की दोस्ती बहुत जरूर है। क्योंकि अगर हम असल जिंदगी में दोस्त नहीं होंगे तो स्क्रीन पर भी वह चीज दिखेगी। हम शो के दौरान और इसके बाद भी मिलते रहते हैं। अब हम वाकई काफी अच्छे दोस्त हैं।

मानवी गागरू आपके दिल्ली से मुंबई पहुंचने का सफर कैसा रहा है, आपको काम हासिल करने में कैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा?

मानवी गागरू आपके दिल्ली से मुंबई पहुंचने का सफर कैसा रहा है, आपको काम हासिल करने में कैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा?

हां, बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लेकिन मेरा मानना तो ये है कि हम सबको एक बार जरूर घर से दूर जरूर रहना चाहिए। मैं मुंबई आने से पहले कभी बाहर नहीं निकली थी। मैं पहले थोड़ी नैरो माइंडिड थी लेकिन जब मैं बाहर निकली तो मेरी सोच में काफी चेंज आया। मैंने मुंबई आने से पहले दो प्रोजेक्ट कर चुकी थी। थोड़ा मैं इंडस्ट्री को पहचान चुकी थीं। मैं जब शुरुआत में मुंबई आई तो बिना मेकअप के रहती थी फिर मुझे बताया गया कि मेकअप आदि करके जाना है। मैंने इससे पहले कभी पब्लिक ट्रांसपॉर्ट से सफर नहीं किया था। आर्थिक कारणों के चलते मैं शुरुआत में रोज कैब से आ जा नहीं सकती थी। एक बार तो मैं ट्रेन में ही रोने लगी थी। लेकिन मैंने इन सब से काफी कुछ सीखा और फिर हिम्मत भी मिली।

महिलाओं पर केंद्रित एक फिल्म जो पिछले दिनों खूब चर्चा पर रही 'वीरे द वेडिंग' क्या उसकी तुलना इससे करना उचित है?

महिलाओं पर केंद्रित एक फिल्म जो पिछले दिनों खूब चर्चा पर रही ‘वीरे द वेडिंग’ क्या उसकी तुलना इससे करना उचित है?

हां मैं मानती हूं कि दोनों ही फिल्मों का विषय कहीं न कहीं समान है। ‘फॉर मोर शॉट्स प्लीज’ के रिलीज होने से पहले ही ‘वीरे दी वेडिंग’ रिलीज हुई। वहां भी लड़कियों के अलग अलग फेज़ को दर्शाया गया। ठीक ऐसे ही हमारे शो में भी एक वकील, एक जर्नलिस्ट, एक जिम ट्रेनर और एक ऐसी लड़की है जिसे पता ही नहीं है कि क्या करना है। लेकिन फिल्म और वेब सीरीज में अंतर होता है। वेब सीरीज में ज्यादा एपिसोड और अधिक समय होता है। इसीलिए इन शो में आपको डीप में जाना होता है और ज्यादा मुद्दों को अच्छे से उठाना होता है।

 पीके और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों का आप हिस्सा रही हैं, आपका इन सितारों के साथ काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?

पीके और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों का आप हिस्सा रही हैं, आपका इन सितारों के साथ काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?

मेरा अनुभव बहुत शानदार था। ‘नो वन किल जेसिका’ मेरी पहली बड़ी फिल्म थी। पहली बार मैंने किसी बड़े स्टार के साथ काम किया। फिर ‘पीके’ में मुझे काम करके बहुत मजा आया। राजू सर के साथ काम करके बहुत अच्छा लगा। सेट पर बहुत कूल माहौल था। अनुष्का शर्मा भी बहुत अच्छी को-स्टार रही। वहीं ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ फिल्म के दौरान आयुष्मान खुराना, जितेंद्र कुमार के साथ खूब बातचीत होती थी। आयुष्मान तो माहौल एकदम नॉर्मल बनाकर रखते हैं।

आप अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पर क्या कहना चाहेंगी?

आप अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पर क्या कहना चाहेंगी?

एक दो मेरे प्रोजेक्ट पर बात चल रही थी। एक प्रोजेक्ट अप्रैल में शुरू होना था और एक मई में। लेकिन लॉकडाउन के चलते सब ठप्प है । लॉकडाउन के चलते प्लानिंग भी बंद है। सब हालात ठीक होने के बाद ही सब चीजे पता चल पाएंगी।


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