• Hindi News
  • National
  • Earthquake Tremors Felt In Parts Of Delhi NCR And Parts Of Jammu Kashmir

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली3 घंटे पहले

उत्तर भारत शुक्रवार देर रात भूकंप के झटकों से हिल गया। दिल्ली-NCR, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान था, जहां रात 10:31 बजे 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसी का असर भारत के कई राज्यों में महसूस किया गया। हालांकि इससे पहले NCS ने भारत में आए भूकंप का केंद्र अमृतसर में बताया था। लेकिन बाद में यह जानकारी हटा दी गई।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी का जारी किया मैप।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी का जारी किया मैप।

राजधानी दिल्ली में ऊंची रिहायशी इमारतों में रहने वाले लोग आनन-फानन में बाहर निकल आए। हालांकि, निचली इमारतों में रहने वाले बहुत से लोगों ने झटके महसूस नहीं किए। भूकंप रात 10 बजकर 31 मिनट पर आया। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के अमृतसर में रात 10 बजकर 34 मिनट पर भूकंप का दूसरा झटका भी महसूस किया गया। इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। भूकंप के झटके कई सेकंड तक महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी झटके
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी लोगों ने झटके महसूस किए। दुनियाभर में भूकंप पर नजर रखने वाली अमेरिकी संस्था USGS के मुताबिक, ताजिकिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 थी। ये भूकंप 10 बजकर 31 मिनट पर आया था। वहीं, पाकिस्तान के नेशनल सीसमिक मॉनिटरिंग सेंटर के मुताबिक, इसकी तीव्रता 6.4 थी। पाकिस्तान के इस्लामाबाद और लाहौर के अलावा खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में भी कांपी धरती
जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस होने पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 2005 के भूकंप के बाद किसी झटके ने घर से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। मैंने एक कंबल उठाया और भागा। धरती हिल रही थी, तो मुझे अपना फोन लेना तक याद नहीं रहा।

यह फोटो श्रीनगर की है। इसे उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

यह फोटो श्रीनगर की है। इसे उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

ऐसे लगाते हैं भूकंप की तीव्रता का अंदाजा
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा उसके केंद्र (एपिसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। सैकड़ों किलोमीटर तक फैली इस लहर से कंपन होता है। धरती में दरारें तक पड़ जाती हैं। भूकंप का केंद्र कम गहराई पर हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे बड़ी तबाही होती है।

फोटो अमृतसर के पवन नगर इलाके की है। लोगों का कहना है कि यहां भूकंप के झटके काफी तेज थे।

फोटो अमृतसर के पवन नगर इलाके की है। लोगों का कहना है कि यहां भूकंप के झटके काफी तेज थे।

भारतीय उपमहाद्वीप में कई जगह भूकंप का खतरा
भारत को भूकंप के खतरे के आधार पर जोन-2, 3, 4 और 5 में बांटा गया है। जोन-2 सबसे कम खतरे वाला और जोन-5 सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन माना जाता है।

दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्से सीमित खतरे वाले जोन-2 में आते हैं। मध्य भारत भी कम खतरे वाले जोन-3 में आता है। वहीं, जोन-4 में जम्मू और कश्मीर का कुछ हिस्सा, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, उत्तर बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र शामिल हैं। जोन-5 में जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी और मध्य हिमालय, उत्तर और मध्य बिहार, उत्तर-पूर्व भारत, कच्छ का रण और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह आते हैं।


Source link