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उस्मानाबाद8 घंटे पहले

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पारधी समुदाय में सच बुलवाने के लिए खौलते तेल में हाथ डलवाने की कुप्रथा है। महिला के पति ने भी इसी मान्यता के आधार पर उसके साथ यह अमानवीय सलूक किया। - Dainik Bhaskar

पारधी समुदाय में सच बुलवाने के लिए खौलते तेल में हाथ डलवाने की कुप्रथा है। महिला के पति ने भी इसी मान्यता के आधार पर उसके साथ यह अमानवीय सलूक किया।

महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में एक महिला को अपनी पवित्रता साबित करने के लिए खौलते तेल में हाथ डालने के लिए मजबूर किया गया। उस्मानाबाद के परंडा में रहने वाली महिला 4 दिन तक घर से गायब थी। जब वह वापस आई, तो उसके पति ने ही खौलते तेल में हाथ डालकर 5 रुपए का सिक्का निकालने को कहा। इतना ही नहीं, पति ने ही अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बनाया।

महिला का पति ड्राइवर है और 11 फरवरी को मायके जाने की बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद महिला बिना किसी को बताए घर से उस्मानाबाद के लिए निकल गई। महिला का पति उसे तलाशता रहा। चार दिन बाद महिला घर लौटी, तो उसने बताया कि ​​​परंडा के खासापुरी चौक पर बस का इंतजार करते समय बाइक पर आए दो लोग उसे जबरन अपने साथ ले गए थे। उन्होंने 4 दिन उसे बंधक बनाकर रखा।

पारधी समाज में है ऐसी कुप्रथा
महिला पारधी समुदाय से है। इस समुदाय में सच बुलवाने के लिए भगवान का नाम लेकर खौलते हुए तेल से सिक्का निकालने की कुप्रथा रही है। माना जाता है कि अगर सिक्का निकालने वाला झूठ बोल रहा है, तो उसका हाथ जलेगा और तेल से आग निगलेगी। इसी मान्यता के आधार पर महिला के पति ने उसकी अग्निपरीक्षा ली।

पति बोला- सच जानने के लिए ऐसा किया
वीडियो में महिला का पति ये कहते हुए सुनाई दे रहा है, ‘मेरी पत्नी का कहना है कि उसे एक आदमी और एक पुलिस वाला अपने साथ ले गए और उसके साथ कुछ नहीं किया। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या मेरी पत्नी सच बोल रही है। इसलिए मैं ऐसा कर रहा हूं।’

वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद महाराष्ट्र विधान परिषद की सभापति नीलम गोरहे ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से कार्रवाई की मांग की है। भारत माता आदिवासी पारधी समाज प्रतिष्ठान, सोलापुर के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर भोंसले ने कहा, ‘पारधी समाज के पुरुषों को चोरी या डकैती के मामले में पकड़कर, उसे छुड़ाने के बदले पत्नी से अत्याचार के कई मामले सामने आए हैं। सरकार को जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।’


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