फिल्म को रिलीज होने में कुछ ही दिन रह गए हैं। कैसा अनुभव कर रही हैं?

फिल्म को रिलीज होने में कुछ ही दिन रह गए हैं। कैसा अनुभव कर रही हैं?

मैं फिल्म को लेकर बहुत ही उत्साहित हूं। फिल्म खत्म होने तक मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मुझे ये मौका मिला है और मैं ये ख्वाब जी रही हूं। मेरे परिवार और दोस्तों ने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। उम्मीद करती हूं कि दर्शकों को मेरा काम पसंद आए।

कभी सोचा था कि दबंग 3 जैसी बड़ी फिल्म के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी?

कभी सोचा था कि दबंग 3 जैसी बड़ी फिल्म के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी?

नहीं, ऐसा कुछ प्लान नहीं था। लेकिन मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानती हूं कि मुझे इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। मुझे हमेशा से अभिनय में दिलचस्पी थी। ग्यारहवीं में मैंने थियेटर भी किया था। थियेटर से मुझमें काफी कॉफिडेंस आया। उसके बाद मैंने अपने घर में सबसे कहा कि मुझे एक्टिंग करनी है। जब मैं 12th कर रही थी, उस वक्त हम स्क्रिप्ट भी देख रहे थे, जब मुझे फोन आया कि आपको दबंग के लिए सोचा जा रहा है.. क्योंकि खुशी का जो किरदार है वह बहुत ही मासूम सा है। शायद वही मासूमियत उन्होंने मुझमें देखा और ये फिल्म करने का मौका मिला।

फिल्म के लिए आपने ऑडिशन दिया था?

फिल्म के लिए आपने ऑडिशन दिया था?

हां, मैंने स्क्रीनटेस्ट दिया था।

दबंग 3 में अपने किरदार के बारे में कुछ बताएं?

खुशी का किरदार बहुत ही साधारण सी लड़की का है, जो चुलबुल पांडे की पहली प्रेमिका होती है। उनका रिश्ता भी बहुत प्यारा सा है। आप अब तक चुलबुल पांडे को जैसा देखते आ रहे हैं, पता चलेगा कि उनके हाव भाव के पीछे खुशी भी एक वजह है।

जब दबंग 3 में आप फाइनल हो गईं, आपके पापा (महेश मांजरेकर) की प्रतिक्रिया कैसी रही?

जब दबंग 3 में आप फाइनल हो गईं, आपके पापा (महेश मांजरेकर) की प्रतिक्रिया कैसी रही?

पापा बहुत खुश थे मेरे लिए। उन्होंने मुझसे सिर्फ कहा कि बहुत मेहनत करो, उसके सिवाए यहां कुछ काम नहीं आता। साथ ही उन्होंने टिप दी थी कि Acting is all about reacting. यहां दिखावा मत करो, वर्ना पकड़ी जाओगी। तो बस मैं उसी बात को ध्यान में रखती हूं। साथ ही पापा ने एक बार मुझे कुछ चंद लाइनें कही थीं, जो मेरे दिमाग में छप गई थी और आज भी मुझे याद है- “समय की रेत पर चलते कदमों के निशान एक जगह बैठकर नहीं बनते, उस पर चलना पड़ता है, निरंतर चलते रहना पड़ता है, बड़ी शिद्दत से….”

दबंग 3 में काम करने का अनुभव कैसा रहा?

दबंग 3 में काम करने का अनुभव कैसा रहा?

उम्मीद से बहुत ही अच्छा अनुभव था। सेट पर परिवार जैसा लगता था। ये फिल्म हमेशा मेरे दिल के बहुत नजदीक रहने वाली है।

पहली फिल्म में ही आप सलमान खान के साथ काम कर रही हैं, उनके साथ स्क्रीन शेयर करना कैसा रहा?

मेरे लिए बहुत ही बड़ी बात है कि मुझे उनके साथ पहली फिल्म करने का मौका मिल रहा है। उनसे बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है। वो बहुत ही मेहनती हैं। वो इस मुकाम पर पहुंच कर भी इतनी मेहनत करते हैं, यह बात मुझे बहुत प्रोत्साहित करती है। जहां तक शूटिंग करने की बात है.. तो मैं कंफर्टेबल थी क्योंकि मैं उन्हें पहले से जानती हूं। हां, पहली फिल्म है तो थोड़ी नर्वस थी, लेकिन कुछ दिनों के बाद वह घबराहट थोड़ी कम हो गई थी।

फिल्मों में काम करने के लिए टैलेंट तो जरूरी है ही, लेकिन कहीं ना कहीं फिल्म परिवार से होने का भी फायदा मिलता है। आप क्या सोचती हैं?

फिल्मों में काम करने के लिए टैलेंट तो जरूरी है ही, लेकिन कहीं ना कहीं फिल्म परिवार से होने का भी फायदा मिलता है। आप क्या सोचती हैं?

फायदा यही है कि मुझे सेट का माहौल पहले भी देखने का मौका मिला था। जब पापा फिल्म डाइरेक्ट करते थे या बतौर एक्टर जाते थे, तो मैं कभी कभार साथ जाया करती थी। तो वो मैंने देखा था कि सेट पर कैसा माहौल रहता है, क्या होता है। और मैं मानती हूं कि महेश मांजरेकर की बेटी होने की वजह से मुझे यह मौका कुछ आसानी से मिला।

फिल्म में आपके पिता भी हैं, उनके साथ काम करने में नर्वस थीं?

फिल्म में आपके पिता भी हैं, उनके साथ काम करने में नर्वस थीं?

हां, मेरी मां भी है फिल्म में। तो मां और पापा के साथ सीन करने को जो अनुभव था वो बहुत ही खास था।

आपके पिता की कौन सी फिल्म आपको ज्यादा सबसे ज्यादा पसंद है?

मुझे कांटे में उनका काम बहुत पसंद है। और उनके निर्देशन में बनी वास्तव और अस्तित्व अच्छी लगती है।

फिल्म से पहले सलमान खान से कोई यादगार मुलाकात?

फिल्म से पहले सलमान खान से कोई यादगार मुलाकात?

सलमान खान से मेरी मुलाकात तो होती ही रही है। वो पापा के अच्छे दोस्त हैं और दोनों ने साथ में काम भी किया था। तो मुलाकात तो होती थी।

आज के समय में काफी नए चेहरे डेब्यू कर रहे हैं, कंपिटिशन के लिए आप खुद को कितना तैयार मानती हैं?

मेरा मानना है कि तैयारी अनुभव के साथ आती है। जितना काम करूंगी, उतना ही खुद को तैयार मानूंगी। जैसे जैसे मैं आगे बढ़ती जाउंगी और बेहतर होती जाउंगी। जहां तक कंपिटिशन की बात है तो हर किसी की अपनी एक यूएसपी होती है। उन्हें उस पर काम करना चाहिए। बाकी मेहनत के बिना कुछ नहीं हो सकता, मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे प्यार देंगे।


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