मेरे निजी जीवन का स्पेस छीनने लगा

मेरे निजी जीवन का स्पेस छीनने लगा

गली बॉय की रिलीज के बाद मुझे स्टारडम मिला। लेकिन निजी जीवन में थोड़ी कठिनाई आयी है। लोग ये समझने लगे हैं कि मेरी बहुत सारी गर्लफ्रेंड हैं। शायद इसकी वजह ये है कि मेरी मां ने दो बार शादी की। तो कई सारी अफवाहें हैं जो मेरे निजी जीवन को चोट पहुंचा रही हैं। स्टारडम के कारण मेरे निजी जीवन का स्पेस छीनने लगा है। हालांकि करियर के लिहाज से पहचान और अवसर मिल रहे हैं।

पहले परिवार ने साथ नहीं दिया

पहले परिवार ने साथ नहीं दिया

ऐसा होता है। जब आप लाइमलाइट में आते हैं, अनचाही परिस्थिति का सामना करना पड़ता है। जिम्मेदारी बढ़ने लगती है। लोग आपके हर एक्शन पर नजर रखते हैं।अचानक से जो जीवन में बदलाव हुआ है उससे परेशानी हो रही है। फिर भी एक हद तक मैं इसे कर पा रहा हूं। परिवार और दोस्तों का साथ मिल रहा है। पहले मेरा परिवार साथ नहीं देता था।गली बॅाय के बाद परिवार ने भी मेरे काम को समझा, सराहा है। वक्त के साथ सफर सुलझता जा रहा है।

ये पूरा लेन-देन का मामला है

ये पूरा लेन-देन का मामला है

इस बीच इंडस्ट्री के लोग मेरे साथ जुड़े हैं। ये सही है कि गली बॅाय के बाद बदलाव हुआ है। ये भी साफ है कि अगर गली बॅाय से मुझे फायदा हुआ है तो उनका भी हुआ है। ये पूरा लेन- देन का खेल है। मैं कुछ दूंगा तो लूंगा भी। वैसे ही चल रहा है। फिलहाल मैं अपनी इंडस्ट्री खुद बना रहा हूं। किसी के मोहताज नहीं हैं हम यहां।

मैं जिसे सुनता हूं वो गालियां नहीं देते

मैं जिसे सुनता हूं वो गालियां नहीं देते

मेरी कोशिश रैप को एक नई पहचान दिलाने की है। मैं जिन रैपर को सुनता हूं वो केवल गालियां नहीं दे रहे हैं। वो अच्छी बातें कर रहे हैं, औरतों की इज्जत , परिवार, समाज की बात कर रहे हैं। मेरे जीवन के शुरुआती दिनों का असर मुझ पर हुआ है। 13 साल की उम्र से मैंने संघर्ष शुरू किया।यही सब मेरे रैप सांग में दिख कर आता है। यही मेरी परिकल्पना है।

आज का यूथ गुलजार और जावेद को नहीं सुनेगा

आज का यूथ गुलजार और जावेद को नहीं सुनेगा

हिप हॅाप अभी भी शुरुआती दौर में है। लोगों को लगता है कि हिप हॅाप भारतीय संगीत और सभ्यता के लिए सही नहीं है। लेकिन मैंने हमेशा संगीत को सभ्यता से जोड़ा है। अपने गाने ‘आने दे आने दे’ में सितार का इस्तेमाल किया। मेरी लिरिक्स में शुद्धता होती है। अपना पन होता है। जावेद अख्तर और गुलजार साहब जैसे लिरिक्स बनाते हैं, वैसे हमारी लिरिक्स होती है। आज का यूथ गुलजार साहब और जावेद अख्तर को नहीं सुनेगा। मैं एंटरटेनमेंट के जरिए जीवन को गाने में डालने की कवायद करता हूं। हिप हॅाप को इज्जत देने का प्रयास जारी है।

हिंदी भारत की पहचान है

हिंदी भारत की पहचान है

शुरू में मैंने भी अंग्रेजी में रैप करना शुरू किया। मुझे महसूस हुआ कि आधे लोग मुझे सुन नहीं रहे हैं । अंग्रेजी के कारण कम लोगों तक पहुंचा जा सकता है। मैं लोगों के बीच से आया हूं। मेरे गाने में लोग हैं। हिंदी भारत की पहचान है। फिर चाहे वह गली में रहने वाला हो या महलों में। फिर मैंने हिंदी में रैप करना शुरू किया। इसके बाद कई रैपर आएं जो अब हिंदी में हिप हॅाप कर रहे हैं।

गली बॅाय के बाद मुझे भीड़ का हिस्सा नहीं बनना

गली बॅाय के बाद मुझे भीड़ का हिस्सा नहीं बनना

गली बॅाय के बाद मुझे भीड़ का हिस्सा नहीं बनना। बना बनाया माल बहुत आसान होता है। लेकिन खुदका बनाने के लिए तपस्या लगती है। मैं खुद की चीजों को आगे लाने की कोशिश कर रहा हूं। फिर वैसी चीज लोगों को खिलाना आसान नहीं होता है। फिल्म के जरिए आते हैं तो आसानी से मान्य किया जाता है। खुद का सामान बेचना मुश्किल है। फिर भी मुझे खुद को निखारना है। मेरी कोशिश जारी है।


Source link